Live Yoga-Sūtra Chanting
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महर्षि पतंजलि के योगसूत्रों का गहन अध्ययन, उच्चारण, पाठ और व्याख्या सहित एक हिन्दी ऑनलाइन पाठ्यक्रम।

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पतंजलि के वचन L1 हिन्दी
एक हिन्दी ऑनलाइन लाइव कोर्स
महर्षि पतंजलि के योगसूत्रों का प्राचीन भारतीय परंपरा के अनुसार विशुद्ध उच्चारण , पाठ व गहन और विस्तृत अध्ययन
आरंभ : 20 जुलाई , 2026
दिन : सोमवार व गुरुवार
समय : सायं 8:00 pm
विवरण
महर्षि पतंजलि के योगसूत्रों के अध्ययन की गहराइयों को जानें और समझें। योगसूत्रों का गहन अध्ययन – सूत्रों के उच्चारण , पाठ / पारायण (Chanting) और व्याख्या के साथ , जो इस प्रश्न के साथ आरंभ होगा कि - योग क्या है ? इसमें महर्षि पतंजलि द्वारा दिए गए योगदर्शन के विभिन्न सिद्धांतों को समझाया जाएगा। विस्तृत व्याख्या के लिए पहले तीन अध्यायों से प्रासंगिक योगसूत्रों को चुना गया है।
L1 ( प्रथम स्तर ) में भारतीय ज्ञान परंपराओं का परिचय , षड्दर्शन ( छह भारतीय दर्शन ) और संस्कृत का बुनियादी ज्ञान भी सम्मिलित होगा ।
महर्षि ‘ पतंजलि के वचन L1 हिन्दी ’ हिन्दी कोर्स ‘ पतंजलि के वचन – L1 ( हिन्दी )’ की रचना पातंजलयोगसूत्रों के गहराई से अध्ययन करने के लिए हुई है । श्रीपातंजल - योगदर्शन 4 अध्यायों में विभाजित है । यह कोर्स Level 1 है , जिसका अर्थ है कि इसमें लगभग एक चौथाई श्रीपातंजल - योगदर्शन का अध्ययन सम्मिलित है । अगला कोर्स Level 2 है , जिसमें श्रीपातंजल - योगदर्शन का अगला एक चौथाई हिस्सा होगा । आगे L3 एवं L4 होंगे । इस प्रकार चार भागों में पूरे योगदर्शन का अध्ययन होगा ।
‘ पतंजलि के वचन L1 हिन्दी ’ की विषय वस्तु - चुने हुए पातंजलयोगसूत्रों का पाठ / पारायण
चुने हुए पातंजलयोगसूत्रों का अध्ययन
योगानुशासनम्
योगदर्शन के अनुसार योग की परिभाषा
चित्त की अवधारणा
चित्तवृत्ति की अवधारणा
चित्तवृत्तिनिरोध
चित्तवृत्तिनिरोध - उपाय - 3 अधिकारी
उत्तम - मध्यम - अधम अधिकारियों के लिए चित्तवृत्तिनिरोध - उपाय
अभ्यास
वैराग्य - अपर - वैराग्य और पर - वैराग्य
ईश्वर और ईश्वर - प्रणिधान की अवधारणा
प्रणव - ॐ की अवधारणा
ॐ - जप
प्रणव - जप / ॐ - जप के परिणाम
अष्टांग - योग ( यम , नियम , आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , धारणा , ध्यान और समाधि )
क्रिया - योग ( तप :, स्वाध्याय , ईश्वर - प्रणिधान )
महाव्रत की संकल्पना
वितर्क की अवधारणा
प्रतिपक्षभावना की अवधारणा
धारणा - ध्यान - समाधि का विवेचन
संयमकीअवधारणाआदि
‘ पतंजलि के वचन L1 हिन्दी ’ में अध्ययन किये जाने वाले सूत्र - अध्याय 1, 2 और 3 से अध्ययन किये जाने वाले सूत्र :
अध्याय 1 से : आरंभ से लेकर सूत्र संख्या 16 तक और सूत्र 23-29 तक
अध्याय 2 से : सूत्र 1-3, 29-34, 46-55 तक
अध्याय 3 से : सूत्र 1-4 तक
आवश्यक योग्यता / पूर्व तैयारी (Prerequisite) जो लोग इस कोर्स का अध्ययन करना चाहते हैं , उन्हें कुछ अध्ययन पूर्व तैयारी के रूप में करना होगा , जो पाठ्यक्रम में दी गई विषय वस्तु को समझने के लिए आवश्यक है ।
स्तोत्रपाठविधि | वर्णोच्चारणशिक्षा - पाठ १
https://tinyurl.com/mr4823t3
यह 27 व्याख्यानों की सीरीज़ है । यह अध्ययन हमें पातंजलयोगसूत्रों के सही उच्चारण में मदद करेगा । इन व्याख्यानों को आप इस कोर्स के साथ - साथ सुन सकते हैं ।
जिस तरह स्कूलों और कॉलेजों में एक साथ कई विषय पढ़ाए जाते हैं , उसी तरह ये सभी पाठ्यक्रम ‘ श्रीपातञ्जलयोगदर्शन – व्याख्यान L1 ( हिन्दी ) ’ कोर्स के साथ - साथ चलेंगे ।
‘ पतंजलि के वचन L1 हिन्दी ’ कोर्स इन Pre-recored कोर्स का बंडल है –
हिन्दी
डॉ . रजनी प्रधान
Live Classes: लगभग 3 महीने ,
Learn all 195 Sūtras carefully, Sūtra by Sūtra and word by word, with attention to sound, pronunciation and rhythm.
A deep, guided study of selected Yoga-Sūtras, including chanting, explanation, Indian knowledge traditions, Ṣaḍdarśanas and foundations of Saṃskṛta.
The next guided stage after Level 1, continuing a deep study of selected Pātañjalayogasūtras, chanting and Yogadarśana concepts.